Sunday, September 15, 2013

सौवीं पोस्ट




आज अपनी सौवीं पोस्ट लिख रही हूँ...जब २ फ़रवरी १९१२ में मैंने अपनी पहली पोस्ट लिखी थी ...तब एक आशंका  ... एक झिझक जकड़े हुए थी ...पता नहीं लिख भी पाऊँगी कि नहीं, कोई पढ़ेगा भी कि नहीं...अपनी बात कह भी पाऊँगी कि नहीं .....
कॉलेज के ज़माने में लिखती थी ...उसके बाद विवाह हुआ ....और एक रोक लग गयी...सोच में ..कल्पना शक्ति में .....गुलाब के सुर्ख लाल रंग में मिर्च का रंग दिखाई देने लगा और सरसों के खेत घर की चारदीवारी में खो गए ...और फिर एक लम्बा अन्तराल ...३० साल बाद फिरसे लेखनी उठाई .....डरते ....सहमते ...
जब धीरे धीरे लोगों ने जाना, सराहा , पोस्ट को पढ़कर अपनी प्रतिक्रिया दी ....तो बहोत ख़ुशी हुई .....हिम्मत बढ़ी ....और मैंने अपने विचारों को परवाज़ देदी ...
फिर दोस्त बने....इस आभासी दुनिया में कुछ ऐसी शक्सियतें मिलीं ......जो बहुत अन्तरंग मित्र बन गयीं ...इनसे बहोत कुछ सीखा...और सीखती आ रही हूँ......जब सफ़र शुरू किया था तब अकेली थी ...पर अब बहोत सारे मित्रों का यह कारवां मेरी धरोहर ...मेरी ख़ुशी बन गया है ...किसी ने सखी कहा, किसी ने बेटी और किसी ने प्यार और अधिकार से 'दी' कहा तो किसी ने अग्रजा कहकर मान दिया .....
आज  अपनी सौवीं पोस्ट लिखते हुए मुझे बेहद ख़ुशी हो रही है ...मित्रों आपका यह साथ सदा यूहीं बना रहे ...और आपका स्नेह, आपके क्रिटिसिज्म मुझे और अच्छा लिखने के लिए प्रेरित करते रहें ...बस यही चाहती हूँ...

आज बस इतना ही....:) :) :) 

46 comments:

  1. १००वीं पोस्ट के लिए मेरी ओर से बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाए !

    RECENT POST : बिखरे स्वर.

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    1. आभार धीरेन्द्रजी

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  2. मेरी ओर से भी आपको ढेर सारी बधाई... आप लगातार लिखती रहें ...यही शुभकामना है...

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    1. शुक्रिया राहुल...:)

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  3. ढेरों बधाई ... ऐसे ही जीरो लगते रहें आपकी पोस्टों के आगे ... १०० से १०००, १००० से १०००० ओर भी आगे ...

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    1. बहोत बहोत बहोत आभार दिगम्बर जी ...:)

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  4. आपकी दोस्ती हमारी भी धरोहर है:) यूँ ही यहाँ बनी रहिये.
    समस्त शुभकामनाएं.

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    1. शुक्रिया शिखा ...इंशाल्लाह ...:)

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  5. आपके सौवें पोस्ट के लिए बहुत बहुत बधाई!!
    आप हमेशा लिखती रहें.. यही शुभकामना ....

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    1. शुक्रिया रंजना ...:)

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  6. बहुत बहुत मुबारक हो इस पढ़ाव को पार करने का । आपका उम्दा लेखन सराहने के काबिल हमेशा ही रहा है और इंशाल्लाह आगे भी रहेगा । ये आपका बड़प्पन है कि आप आभासी रिश्तों को महत्त्व देती हैं :-))

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    1. शुक्रिया इमरान ...दोस्त ही ऐसे मिले ....स्नेह तो होना ही था ....:)

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  7. नमस्कार आपकी यह रचना कल मंगलवार (17-09-2013) को ब्लॉग प्रसारण पर लिंक की गई है कृपया पधारें.

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    1. आपका हार्दिक आभार अरुण ...:)

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  8. आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टि की चर्चा कल मंगलवार १७/९/१३ को राजेश कुमारी द्वारा चर्चा मंच पर की जायेगी आपका वहां स्वागत है।

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    1. आपका हार्दिक आभार राजेशजी ....:)

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  9. बहुत-बहुत बधाई! उम्मीद है आगे भी इसी तरह आपकी अनूठी रचनाओं का आनंद हमें मिलता रहेगा.

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    1. आपका हार्दिक आभार ...निहार जी ...:)

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  10. आपको १०० वी पोस्ट के लिए बहुत बहुत बधाई|इसी प्रकार प्रगति करती रहें |
    आशा

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    1. दिलसे आपका आभार आशाजी ...:)

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  11. १००वीं पोस्ट के लिए बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाए !
    latest post: क्षमा प्रार्थना (रुबैयाँ छन्द )
    latest post कानून और दंड

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    1. शुक्रिया कालीप्रसाद जी

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  12. बहुत बहुत बधाई सरस जी ... इश्वर आपकी इस परवाज़ को अनंत आकाश प्रदान करें!

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    1. तुम्हारे जैसे दोस्तों की दुआ चाहिए शालिनी ...तहे दिलसे शुक्रिया

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  13. बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएँ..
    :-)

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    1. शुक्रिया रीना ...:)

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  14. १००वीं पोस्ट के लिए मेरी ओर से बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाए !

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    1. धन्यवाद राजेंद्र जी

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  15. १००वीं पोस्ट के लिए मेरी ओर से बहुत बहुत बधाई और आने वाले ऐसे अनगिनत पोस्ट के लिए हार्दिक शुभकामनाए !!
    आज मैंने अपनी 99 वीं पोस्ट प्रस्तुत की हूँ ....

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    1. हार्दिक आभार ...विभाजी..आपकी सौवीं पोस्ट का इंतज़ार रहेगा ....:)

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  16. १००वीं पोस्ट के लिए मेरी ओर से बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाए !
    पापा मेरी भी शादी करवा दो ना

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    1. हार्दिक आभार लक्ष्मन जी

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  17. आपको ढेर सी बधाई और शुभकामनाएं !

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    1. हार्दिक आभार ...:)

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  18. 100वीं पोस्ट के लिए मेरी ओर से बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं !

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    1. हार्दिक आभार ...रश्मि :)

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  19. हार्दिक बधाई आंटी


    सादर

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    1. हार्दिक आभार ...यशवंत ..:)

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  20. 100 vi post par aapko hardik badhai, digambar ji ke munh main ghee shakkar

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    1. अच्छा लगा तुम्हारा यह कहना ...सौरभ ...:)

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  21. मेरी ओर से बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाए !

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  22. आप की इस प्रविष्टि की चर्चा कल {बृहस्पतिवार} 19/09/2013 को "हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल {चर्चामंच}" पर.
    आप भी पधारें, सादर ....राजीव कुमार झा

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    1. बहोत बहोत आभार राजीवजी

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  23. आपकी कहानी भी मेरी ही तरह है ..... मैंने भी पुनः लिखना प्रारम्भ किया .... और लोगों का ढेर सा स्नेह मिला यहाँ औरों का पढ़ कर और अपने विचार औरों तक पहुंचा कर मन को बहुत संतुष्टि मिलती है । कामना है कि यह निरंतरता बनी रहे ।

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